ट्विटर को सरकार की चेतावनी, हमें अभिव्यक्ति की आजादी पता, नियम मानने पड़ेंगे

अभिव्यक्ति की आजादी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार हाल ही में ट्विटर द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं है। सरकार ने ट्विटर से देश में दुष्प्रचार और समाजिक और सांस्कृतिक एकता के लिए खतरा बने अकाउंट को निलंबित करने के लिए कहा था। लेकिन ट्विटर ने कुछ अकाउंट को निलबिंत किया और कुछ के साथ ऐसा करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद भारत सरकार ने सख्त रूख दिखाते हुए ट्विटर को स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम मानने होंगे।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के जवाब के बाद सरकार ने ट्विटर को दो टूक कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब हमें पता है। नियम को मानना पड़ेगा। भारत सरकार ने इस चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा कि मंत्रालय के सचिव और ट्विटर की वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी) मोनिके मेशे ने आपस में चर्चा की है। भारत सरकार ने इस बातचीत में ट्विटर से सरकारी नियमों के अनुपालन करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखने के लिए कहा।

केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन के बारे में दुष्प्रचार और भड़काऊ बातें फैला रहे अकाउंट और हैशटैक के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने ट्विटर द्वारा देरी करने पर कड़ी नाराजगी जताई। भारत सरकार के सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्राल ने स्पष्ट किया है कि कंपनी के अपने भले ही कोई नियम हों, लेकिन उसे देश के कानूनों का पालन करना ही चाहिए।

इसी बीच मंत्रालय ने ट्विटर से टकराव के बीच तमात मंत्रियों से एक स्वदेशी ऐप पर अकाउंट बनवाए और अपने बयान को भी इसी ऐप पर जारी किया।

बता दें कि ट्विटर ने अभी तक मात्र 500 एकाउंट को ही निलंबित किया है। ट्विटर का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी से हम छेड़छाड़ नहीं कर सकते। उन्होंने पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के एकाउंट पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इसके बाद भारत सरकार ने सख्त रूख अपनाते हुए ट्विटर को चेतावनी दी है कि नियम मानने पड़ेंगे।