जानिए आखिर क्यों बिपिन रावत को बनाया गया CDS?

जनरल बिपिन रावत
जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली। देश के पहले सीडीएस के रूप में जनरल बिपिन रावत ने 1 जनवरी को अपना पदभार संभाल लिया। जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बन गए हैं। 31 दिसंबर को बिपिन रावत के रिटायरमेंट के एक दिन पहले सरकार ने उन्हें सीडीएस बनाने की घोषणा की। जिसके बाद जनरल रावत ने 1 जनवरी को अपना कार्यभार संभाल लिया।

हालांकि सीडीएस नियुक्ति को लेकर कांग्रेस के सवाल पर पूर्व सेना अध्यक्ष और भाजपा नेता जनरल बीके सिंह ने कहा कि यह पद सेना की एक महत्वपूर्ण मांग थी। इससे सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने जबसे सीडीएस पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु की थी, तबसे जनरल बिपिन रावत प्रमुख दावेदारों में से एक थे।

5 अगस्त को सरकार ने इस पद को सृजित करने का एलान किया था और 24 दिसंबर को इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई थी। रक्षा से जुड़े मामलों में वे पीएम और रक्षा मंत्री के सलाहकार भी होंगे। जनरल बिपिन रावत रक्षा मंत्रालय में गठित नए विभाग ‘डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स’ के सचिव होंगे।

उनकी जगह पर अब नए सेना प्रमुख के तौर पर जनरल मनोज मुकुंद नरवाने कमान संभाल चुके हैं। जनरल बिपिन रावत को यूं ही सीडीएस नहीं बनाया गया है। बल्कि इनके पीछे उनकी कई उपलब्धियां हैं जो कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

म्‍यांमार में सर्जिकल स्‍ट्राइक

मणिपुर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के बाद सीमा पार म्‍यांमार में सर्जिकल स्‍ट्राइक कर एनएससीएन के कई उग्रवादियों और उनके कैंप को नष्‍ट कर दिया था। भारतीय सेना द्वारा की गई इस जवाबी कार्रवाई में 21 पैरा के कमांडो शामिल थे। ये बटालियन थर्ड कॉर्प्‍स के अधीन थी जिसके कमांडर उस वक्‍त बिपिन रावत ही थे।

पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक

उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जनरल बिपिन रावत के ही नेतृत्‍व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्‍तान में स्थित आतंकी शिविरों को ध्‍वस्‍त करने के लिए सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। भारत द्वार पाकिस्‍तान की सीमा में की गई इस तरह ये पहली स्‍ट्राइक थी। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक को हर तरह से ट्रेंड पैरा कमांडो ने अंजाम दिया था। इसके ऑपरेशन के लिए जहां जमीन पर कमांडोज ने अपनी सटीक भूमिका निभाई थी।

गोरखा राइफल्स का कमीशन

वर्तमान में सीडीएस जनरल रावत को 1978 में सेना की 11वीं गोरखा राइफल्‍स की पांचवी बटालियन में कमीशन मिला था। वह आईएमए के सोर्ड ऑफ ऑनर होल्‍डर रहे हैं। इसके अलावा 1986 में चीन से लगी एलएसी पर वो इंफेंट्री बटालियन के चीफ रह चुके हैं। जनरल रावत आरआर राइफल्‍स के एक सेक्‍टर और कश्‍मीर में 19 इंफेंट्री डिविजन की भी अगुआइ्र कर चुके हैं। देश ही नहीं यूएन मिशन में भी उन्‍होंने भारत का नेतृत्‍व किया है।