एक्शन में नौसेना – युद्धपोत ​कलिंग पर बनाया ​60 बिस्तरों वाला कोविड केयर ​सेंटर

कोविड केयर सेंटर

नई दिल्ली।​ देश में कोविड की दूसरी लहर से मुकाबला कर रही भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम शहर ​के उपनगर ​​भीमूनिपट्टनम की आम आबादी की सहायता के लिए ​युद्धपोत आईएनएस ​​कलिंग​ पर ​​60 बिस्तरों वाला कोविड केयर सेंटर स्थापित किया​​ है। ​​आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री तथा भीमूनिपट्टनम के विधायक श्रीमुत्तमसेट्टी श्रीनिवासाराव ​​ने ​इसे आम जनता को समर्पित किया, जिसके बाद कोविड मरीजों की भर्ती भी शुरू कर दी गई है​।

आईएनएस कलिंग के ​​कमांडिंग ऑफिसर ​​नीरज उदय​ ​​ने बताया कि ​​​भीमुनिपटनम विशाखापत्तनम हवाई अड्डे से लगभग 40 किलोमीटर, विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन से लगभग 31 किलोमीटर ​और विशाखापत्तनम शहर के केंद्रीय बस अड्डे से 29 किलोमीटर​ दूर स्थित है। शहर के उत्तर में स्थित ​​भीमुनिपटनम​ ​दक्षिण में रशिकोंडा​, पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में मधुरवाड़ा​ और उत्तर में भोगापुरम से घिरा है।

​​कोविड केयर केंद्र के ​​रखरखाव और संचालन के लिए ​नौसेना की ओर से ​​कमांडिंग ऑफिसर​ ने ​​​​भीमूनिपट्टनम के ​​सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक के साथ एक ​​एमओयू पर हस्ताक्षर किए​​​​।​ इस मौके पर ​पर्यटन मंत्री एवं ज़िला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जी सूर्यनारायण ​भी उपस्थित​ थे​।

मुख्य बातें-

  • ​आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री ने ​​आम जनता को समर्पित किया अस्पताल, मरीजों की भर्ती शुरू
  • नौसेना ने ​​​रखरखाव और संचालन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ​एमओयू पर हस्ताक्षर किए​​​​​ ​

कमांडिंग अधिकारी कमांडर ​​नीरज उदय ​ने बताया कि ​​​कोविड केयर सेंटर में भीमूनिपट्टनम मंडल और आसपास के क्षेत्रों के मध्यम लक्षणों वाले कोविड पॉजिटिव मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। भारतीय नौसेना ​इस सेंटर को ​प्रशासकीय, लॉजिस्टिक​,​ भोजन तथा चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करा​ रही है। कोविड केंद्र में तीन डॉक्ट​रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ​के 10 नर्सिंग स्टाफ की तैनाती ​की गई है।

60 में से 14 बेड ​पर सिलेंडर और कंसंट्रेटर के जरिए ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था है। मरीजों को ​24 ​घंटे​ चिकित्सा सेवाएं ​देने के लिए कोविड केयर सेंटर के निकट डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ​को आवास ​सुविधा दी गई है।​ ​भीमूनिपट्टनम में ​इस ​कोविड केयर सेंटर के अलावा राज्य सरकार के परामर्श से अतिरिक्त सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है​​।