जामिया हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश- हाईकोर्ट जाएं याचिकाकर्ता

राम जन्मभूमि न्यास

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में छात्र सड़कों पर उतर गए हैं. विपक्षी पार्टियां भी इस कानून का विरोध कर रही हैं. कानून के विरोध में दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र में जो हिंसा हुई और पुलिस की कार्रवाई हुई, उसके विरोध में देश की कई यूनिवर्सिटी प्रदर्शन कर रही हैं. देश में कुल 22 बड़े कैंपस हैं, जहां पर विरोध प्रदर्शन जारी है. जामिया हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से जामिया हिंसा मामले में फैसला सुना दिया गया है. अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ता सबसे पहले हाईकोर्ट में जाएं, जब हाईकोर्ट कोई फैसला देगा तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर्वोच्च अदालत के आदेश में कहा गया है कि हाईकोर्ट ही अपने विवेक के अनुसार छात्रों को मेडिकल सुविधा, गिरफ्तारी के मामले में आदेश देगा. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि हाईकोर्ट दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की नियुक्ति कर सकता है. हिंसा करने वाले छात्रों की गिरफ्तारी पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई गई है, छात्रों को गिरफ्तार न करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दी है.