रविवार से शारदीय नवरात्र हुआ शुरू, ऐसे करें माता के प्रथम स्वरूप की पूजा

29 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरु हो रहा है। नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा पर घरों में घटस्थापना की जाती है। इस दिन मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन होता है। शैलपुत्री को देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम माना गया है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को चंद्र दोष से मुक्ति मिल जाती है।

ऐसे करें मां की पूजा-

मां शैलपुत्री की पूजा करने से पहले मां शैलपुत्री की तस्वीर या प्रतिमा को स्थापित करें। इसके बाद एक कलश स्थापित करें। कलश के ऊपर नारियल और पान के पत्ते रखें और स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद ज्योति जला कर ‘ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ओम् शैलपुत्री देव्यै नम:’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद मां को सफेद फूल की माला अर्पित करें फिर मां को सफेद रंग का भोग भी लगाएं। इसके बाद माता की कथा को सनें और आरती करें।

मां को प्रसन्न करने का पूजन विधि

हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण देवी का नाम शैलपुत्री पड़ा। पौराणिक कथा के अनुसार दक्षप्रजापति ने यज्ञ का आयोजन किया। उसमें समस्त देवताओं को आमंत्रित किया किंतु भगवान शिव को नहीं बुलाया। जिसके बाद सती अकेली ही यज्ञ में पहुंची। वहां पर माता सती का बहुत अपमान हुआ। इससे दुखी होकर माता सती ने स्वयं को अग्नि को समर्पित कर दिया।

सती द्वारा शरीर त्यागने के बाद भगवान शिव ने क्रोधित होकर यज्ञ को नष्ट कर दिया। जिसके बाद दूसरे जन्म में सती ने शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया और शैलपुत्री कहलाईं।