कोरोना काल में काम करते हुए 15 दिन में 6 बैंक कर्मचारियों की मृत्यु

पिछले 15 दिन में कोरोना से 6 बैंक कर्मचारियों (आर्थिक कोरोना योद्धाओं) की मृत्यु दुखद समाचार है। आज तक लगभग 100 बैंक कर्मचारीयों की कोरोना के कारण मृत्यु हो चुकी है। कोरोना संक्रमित बैंक कर्मचारियों की तो कोई संख्या ही नहीं है। हर दिन ब्रांच की ब्रांच कोरोना संक्रमित हो जाती है और बन्द करनी पड़ती है।

बैंकों में इसका सबसे बड़ा कारण बैंक कर्मचारियों पर काम का बोझ है। नियमित कामकाज के अलावा  सरकार द्वारा इस समय पर अतिरिक्त काम का भी दबाव बैंक कर्मचारियों पर है।

बैंक में ज्यादातर ग्राहक पास बुक प्रिंट करवाने के लिये आते हैं। जिसके कारण भी ब्रांचों में भीड़ रहती है। सरकार के दिशा निर्देशों के बाद भी बैंकों द्वारा इनका सही से पालन नहीं होता।

बैंक कर्मचारी को कोरोना से मृत्यु पर भी जो राशि बैंकों द्वारा तय की गई है उसमें भी समानता नहीं है। बैंक से बैंक और कर्मचारी, अधिकारी और उच्च अधिकारी वर्ग में समानता नहीं है।

देश की आर्थिक प्रगति में लगे बैंक कर्मचारियों ( आर्थिक कोरोना योद्धाओं) के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।वित्त मंत्रालय बैंकों को इस बारे में निर्देशों को सही से लागू करने के लिये आदेश जारी करे। वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अशवनी राणा माँग ने की कोरोना से मृत्यु पर सभी वर्ग के कर्मचारियों को एक समान राशि का भुगतान किया जाए।